Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.271.52: जब भीमसेन और अर्जुन ने सुना कि उनका शत्रु जयद्रथ एक कोस आगे निकल गया है, तो वे स्वयं अपने घोड़ों को बड़ी तेजी से हांकते हुए उसके पीछे दौड़े। | mahabharat अध्याय 3.271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब भीमसेन और अर्जुन ने सुना कि उनका शत्रु जयद्रथ एक कोस आगे निकल गया है, तो वे स्वयं अपने घोड़ों को बड़ी तेजी से हांकते हुए उसके पीछे दौड़े।
When Bhimasena and Arjuna heard that their enemy Jayadratha had gone a kos ahead, they themselves, driving their horses with great speed, chased after him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥