Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.271.31: कुत्ते, गिद्ध, सफेद चील, कौवे, सियार और कौवे मृत वीरों के मांस और रक्त से तृप्त हो रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 3.271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.271.31 
श्वगृध्रकङ्ककाकोलभासगोमायुवायसा:।
अतृप्यंस्तत्र वीराणां हतानां मांसशोणितै:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
कुत्ते, गिद्ध, सफेद चील, कौवे, सियार और कौवे मृत वीरों के मांस और रक्त से तृप्त हो रहे थे।
 
Dogs, vultures, white eagles, crows, jackals and crows were getting satisfied with the flesh and blood of the dead heroes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)