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mahabharat 3.271.28: उस अतिरथी योद्धा ने युद्ध में बाणों के निशाने पर आए शिबि, इक्ष्वाकु, त्रिगर्त और सिन्धुदेश के क्षत्रियों को भी मार डाला ॥28॥   |   mahabharat अध्याय 3.271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.271.28 
शिबीनिक्ष्वाकुमुख्यांश्च त्रिगर्तान् सैन्धवानपि।
जघानातिरथ: संख्ये बाणगोचरमागतान्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उस अतिरथी योद्धा ने युद्ध में बाणों के निशाने पर आए शिबि, इक्ष्वाकु, त्रिगर्त और सिन्धुदेश के क्षत्रियों को भी मार डाला ॥28॥
 
That Atirathi warrior also killed Shibi, Ikshvaku, Trigarta and the Kshatriyas of Sindhudesh who were the targets of arrows in the war. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)