Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.269.14-15h: द्रौपदी पाण्डवों का अन्तःकरण है, जो बाहर आ गया है। यहाँ ऐसा कौन है जिसने यह नहीं सोचा कि पतियों द्वारा रक्षित महारानी द्रौपदी मूर्ख है? आज पाण्डवों के अत्यन्त भयंकर एवं तीखे बाणों से किसका शरीर छिन्न-भिन्न होकर पृथ्वी में समा जाएगा?॥14 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.269: पाण्डवोंका आश्रमपर लौटना और धात्रेयिकासे द्रौपदीहरणका वृत्तान्त जानकर जयद्रथका पीछा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रौपदी पाण्डवों का अन्तःकरण है, जो बाहर आ गया है। यहाँ ऐसा कौन है जिसने यह नहीं सोचा कि पतियों द्वारा रक्षित महारानी द्रौपदी मूर्ख है? आज पाण्डवों के अत्यन्त भयंकर एवं तीखे बाणों से किसका शरीर छिन्न-भिन्न होकर पृथ्वी में समा जाएगा?॥14 1/2॥
‘Draupadi is the conscience of the Pandavas who has come out. Who here did not think that Queen Draupadi, who is protected by her husbands, is a fool? Today, whose body will be pierced by the extremely fierce and sharp arrows of the Pandavas and will enter the earth?॥ 14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥