Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.269.10: राजा जनमेजय! उसे रोते हुए देखकर सारथि इन्द्रसेन तुरन्त ही रथ से कूद पड़ा और वहाँ से दौड़कर धात्रेयिका के बहुत निकट जाकर इस प्रकार बोला -॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.269: पाण्डवोंका आश्रमपर लौटना और धात्रेयिकासे द्रौपदीहरणका वृत्तान्त जानकर जयद्रथका पीछा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा जनमेजय! उसे रोते हुए देखकर सारथि इन्द्रसेन तुरन्त ही रथ से कूद पड़ा और वहाँ से दौड़कर धात्रेयिका के बहुत निकट जाकर इस प्रकार बोला -॥10॥
King Janamejaya! Seeing her weeping, charioteer Indrasena immediately jumped off the chariot and ran from there and went very close to Dhatreyika and spoke thus -॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥