Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.268.8: हे पुरुषरत्न! यदि आप दोनों छोटे पाण्डवों के साथ युद्ध करना चाहते हैं, तो यह स्वीकार करना होगा कि आप नशे में धुत होकर अपने पैरों से दो काले सर्पों की पूंछों को कुचल रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक की दो जीभें हैं और जिनके मुख में तीक्ष्ण विष है। | mahabharat अध्याय 3.268: द्रौपदीका जयद्रथको फटकारना और जयद्रथद्वारा उसका अपहरण । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुरुषरत्न! यदि आप दोनों छोटे पाण्डवों के साथ युद्ध करना चाहते हैं, तो यह स्वीकार करना होगा कि आप नशे में धुत होकर अपने पैरों से दो काले सर्पों की पूंछों को कुचल रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक की दो जीभें हैं और जिनके मुख में तीक्ष्ण विष है।
If you, O jewel of men, desire to fight with the two younger Pandavas, then it must be admitted that in a drunken state you are trampling with your feet the tails of two black serpents, each with two tongues and holding sharp poison in its mouth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥