Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.268.13: द्रौपदी बोलीं - "यद्यपि मैं महान् बल और पराक्रम से संपन्न हूँ, फिर भी सौवीर राजा जयद्रथ की दृष्टि में मैं दुर्बल प्रतीत होती हूँ। मुझे भगवान पर विश्वास है; मैं बलपूर्वक जयद्रथ से कभी भी दयापूर्ण वचन नहीं बोल सकूँगी।" ॥13॥ | mahabharat अध्याय 3.268: द्रौपदीका जयद्रथको फटकारना और जयद्रथद्वारा उसका अपहरण । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रौपदी बोलीं - "यद्यपि मैं महान् बल और पराक्रम से संपन्न हूँ, फिर भी सौवीर राजा जयद्रथ की दृष्टि में मैं दुर्बल प्रतीत होती हूँ। मुझे भगवान पर विश्वास है; मैं बलपूर्वक जयद्रथ से कभी भी दयापूर्ण वचन नहीं बोल सकूँगी।" ॥13॥
Draupadi said, "Even though I am blessed with great strength and power, I appear weak in the eyes of the Sauvir king Jayadratha. I have faith in God; I will never be able to speak a pitiful word to Jayadratha by force." ॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥