Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.265.9-12h: तुमने सौवीर राजा जयद्रथ का नाम अवश्य सुना होगा, जो लाल घोड़ों वाले रथ पर विराजमान हैं और यज्ञ की अग्नि के समान शोभायमान हैं - अंगारक, कुंजर, गुप्तक, शत्रुंजय, संजय, सुप्रवृद्ध, भयंकर, भ्रमर, रवि, शूर, प्रताप और कुहन - सौवीर देश के बारह राजकुमार, जो उनके रथ के पीछे हाथ में ध्वजा लिए चलते हैं और उनके पीछे छह हज़ार रथी, हाथी, घोड़े और पैदल सेनाएँ चलती हैं। हे भाग्यवान, तुम उन्हीं राजा जयद्रथ को देख रहे हो। | mahabharat अध्याय 3.265: कोटिकास्यका द्रौपदीसे जयद्रथ और उसके साथियोंका परिचय देते हुए उसका भी परिचय पूछना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुमने सौवीर राजा जयद्रथ का नाम अवश्य सुना होगा, जो लाल घोड़ों वाले रथ पर विराजमान हैं और यज्ञ की अग्नि के समान शोभायमान हैं - अंगारक, कुंजर, गुप्तक, शत्रुंजय, संजय, सुप्रवृद्ध, भयंकर, भ्रमर, रवि, शूर, प्रताप और कुहन - सौवीर देश के बारह राजकुमार, जो उनके रथ के पीछे हाथ में ध्वजा लिए चलते हैं और उनके पीछे छह हज़ार रथी, हाथी, घोड़े और पैदल सेनाएँ चलती हैं। हे भाग्यवान, तुम उन्हीं राजा जयद्रथ को देख रहे हो।
You must have heard the name of the Sauvir king Jayadratha, who sits on chariots drawn by red horses and looks as beautiful as the fire lit in yagnas - Angaraka, Kunjar, Guptaka, Shatrunjaya, Sanjaya, Supravruddha, Bhayanak, Bhramar, Ravi, Shur, Pratap and Kuhana - twelve princes of the Sauvir country who walk behind his chariot with flags in their hands and are followed by six thousand charioteers, elephants, horses and infantry. O fortunate one, you can see that very king Jayadratha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥