Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.264.12: वह कामवश मोहित होकर राजा कोटिकास्य से बोला, 'कोटिक! जाकर पता लगाओ कि यह सुन्दरी किसकी पत्नी है? अथवा यह मनुष्य जाति की स्त्री भी है या नहीं?॥12॥ | mahabharat अध्याय 3.264: जयद्रथका द्रौपदीको देखकर मोहित होना और उसके पास कोटिकास्यको भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स कोटिकास्यं राजानमब्रवीत् काममोहित:।
कस्य त्वेषानवद्याङ्गी यदि वापि न मानुषी॥ १२॥
अनुवाद
वह कामवश मोहित होकर राजा कोटिकास्य से बोला, 'कोटिक! जाकर पता लगाओ कि यह सुन्दरी किसकी पत्नी है? अथवा यह मनुष्य जाति की स्त्री भी है या नहीं?॥12॥
He, captivated by lust, said to King Kotikasya, 'Kotika! Go and find out whose wife is this beautiful lady? Or is she even a woman of the human race or not?॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥