Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.261.43: हे! स्वर्ग में रहने वाले मनुष्य पतन के पश्चात महान दुःख और पश्चाताप का अनुभव करते हैं और फिर इस संसार में भटकते रहते हैं; इसलिए मैं स्वर्ग में नहीं जाना चाहता हूँ॥43॥ | mahabharat अध्याय 3.261: देवदूतद्वारा स्वर्गलोकके गुण-दोषोंका तथा दोषरहित विष्णुधामका वर्णन सुनकर मुद्गलका देवदूतको लौटा देना एवं व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाकर अपने आश्रमको लौट जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे! स्वर्ग में रहने वाले मनुष्य पतन के पश्चात महान दुःख और पश्चाताप का अनुभव करते हैं और फिर इस संसार में भटकते रहते हैं; इसलिए मैं स्वर्ग में नहीं जाना चाहता हूँ॥43॥
Oh! After the fall, the people living in heaven experience great sorrow and remorse and then they continue to wander in this world; That's why I don't want to go to heaven. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥