Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.261.35: इस मनुष्य लोक में मनुष्य शरीर द्वारा किया गया कर्म परलोक में भोगा जाता है। हे ब्रह्म! यह कर्मभूमि मानी गई है और वह फलभोगभूमि मानी गई है। 35॥ | mahabharat अध्याय 3.261: देवदूतद्वारा स्वर्गलोकके गुण-दोषोंका तथा दोषरहित विष्णुधामका वर्णन सुनकर मुद्गलका देवदूतको लौटा देना एवं व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाकर अपने आश्रमको लौट जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस मनुष्य लोक में मनुष्य शरीर द्वारा किया गया कर्म परलोक में भोगा जाता है। हे ब्रह्म! यह कर्मभूमि मानी गई है और वह फलभोगभूमि मानी गई है। 35॥
The work done by the human body in this human world is experienced in the next world. Brahman! This is considered the land of work and that is considered the land of fruit enjoyment. 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥