Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.261.2: मुनि! जिसे स्वर्लोक कहते हैं, वह यहाँ से बहुत ऊँचा है। वहाँ पहुँचने के लिए ऊपर जाना पड़ता है, इसलिए उसका एक नाम उर्ध्वग है। वहाँ जाने का मार्ग बहुत अच्छा है। वहाँ के लोग सदैव विमानों से यात्रा करते हैं॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 3.261: देवदूतद्वारा स्वर्गलोकके गुण-दोषोंका तथा दोषरहित विष्णुधामका वर्णन सुनकर मुद्गलका देवदूतको लौटा देना एवं व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाकर अपने आश्रमको लौट जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मुनि! जिसे स्वर्लोक कहते हैं, वह यहाँ से बहुत ऊँचा है। वहाँ पहुँचने के लिए ऊपर जाना पड़ता है, इसलिए उसका एक नाम उर्ध्वग है। वहाँ जाने का मार्ग बहुत अच्छा है। वहाँ के लोग सदैव विमानों से यात्रा करते हैं॥ 2॥
Muni! What is called Swarloka is very high from here. To reach there one has to go up, hence one of its names is Urdhvaag. The path to go there is very good. The people there always travel on planes.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥