Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.261.18: इन सबसे ऊपर ब्रह्माजी के लोक हैं, जो अत्यंत उज्ज्वल और शुभ हैं। हे ब्रह्म! पवित्र ऋषि-मुनि अपने शुभ कर्मों से वहाँ जाते हैं। 18॥ | mahabharat अध्याय 3.261: देवदूतद्वारा स्वर्गलोकके गुण-दोषोंका तथा दोषरहित विष्णुधामका वर्णन सुनकर मुद्गलका देवदूतको लौटा देना एवं व्यासजीका युधिष्ठिरको समझाकर अपने आश्रमको लौट जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इन सबसे ऊपर ब्रह्माजी के लोक हैं, जो अत्यंत उज्ज्वल और शुभ हैं। हे ब्रह्म! पवित्र ऋषि-मुनि अपने शुभ कर्मों से वहाँ जाते हैं। 18॥
Above all are the worlds of Brahmaji, which are extremely bright and auspicious. Brahman! Holy sages and sages go there with their auspicious deeds. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥