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mahabharat 3.260.13: मुद्गल ऋषि के पास पहुँचकर महामुनि दुर्वासा ने कहा, 'हे ब्राह्मण! तुम्हें यह जान लेना चाहिए कि मैं भोजन की खोज में यहाँ आया हूँ।' ॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.260: दुर्वासाद्वारा महर्षि मुद्‍गलके दानधर्म एवं धैर्यकी परीक्षा तथा मुद्‍गलका देवदूतसे कुछ प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 260: दुर्वासाद्वारा महर्षि मुद्‍गलके दानधर्म एवं धैर्यकी परीक्षा तथा मुद्‍गलका देवदूतसे कुछ प्रश्न करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.260.13 
अभिगम्याथ तं विप्रमुवाच मुनिसत्तम:।
अन्नार्थिनमनुप्राप्तं विद्धि मां द्विजसत्तम॥ १३॥
 
 
अनुवाद
मुद्गल ऋषि के पास पहुँचकर महामुनि दुर्वासा ने कहा, 'हे ब्राह्मण! तुम्हें यह जान लेना चाहिए कि मैं भोजन की खोज में यहाँ आया हूँ।' ॥13॥
 
Reaching the sage Mudgal, the great sage Durvasa said, 'O Brahmin, you should know that I have come here in search of food.' ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)