श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 26: दल्भपुत्र बकका युधिष्ठिरको ब्राह्मणोंका महत्त्व बतलाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.26.9 
इदं तु वचनं पार्थ शृणुष्व गदतो मम।
भ्रातृभि: सह कौन्तेय यत् त्वां वक्ष्यामि कौरव॥ ९॥
 
 
अनुवाद
'कुन्तीपुत्र! कुरुश्रेष्ठ! अपने भाइयों सहित मैं जो एक बात कह रहा हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो॥9॥
 
'Son of Kunti! Best of the Kurus! Along with your brothers, listen carefully to the one thing I am telling you.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)