Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.26.20: 'युधिष्ठिर! ब्राह्मणों के प्रति आपके हृदय में सदैव शुभ भावना रहती है, इसीलिए आपकी कीर्ति समस्त लोकों में प्रसिद्ध और प्रकाशित है। 20॥   |   mahabharat अध्याय 3.26: दल्भपुत्र बकका युधिष्ठिरको ब्राह्मणोंका महत्त्व बतलाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 26: दल्भपुत्र बकका युधिष्ठिरको ब्राह्मणोंका महत्त्व बतलाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  3.26.20 
ब्राह्मणेषूत्तमा वृत्तिस्तव नित्यं युधिष्ठिर।
तेन ते सर्वलोकेषु दीप्यते प्रथितं यश:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'युधिष्ठिर! ब्राह्मणों के प्रति आपके हृदय में सदैव शुभ भावना रहती है, इसीलिए आपकी कीर्ति समस्त लोकों में प्रसिद्ध और प्रकाशित है। 20॥
 
'Yudhisthira! You always have good feelings in your heart towards Brahmins, that is why your fame is famous and published in all the worlds. 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)