Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.258.9: सब प्राणियों का हित करने में सदैव तत्पर रहने वाले राजा युधिष्ठिर ने उनसे कहा - 'बहुत अच्छा। आप जैसा कहेंगे, वैसा ही मैं करूँगा।'॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.258: पाण्डवोंका काम्यकवनमें गमन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 258: पाण्डवोंका काम्यकवनमें गमन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.258.9 
तांस्तथेत्यब्रवीद् राजा सर्वभूतहिते रत:।
यथा भवन्तो ब्रुवते करिष्यामि च तत् तथा॥ ९॥
 
 
अनुवाद
सब प्राणियों का हित करने में सदैव तत्पर रहने वाले राजा युधिष्ठिर ने उनसे कहा - 'बहुत अच्छा। आप जैसा कहेंगे, वैसा ही मैं करूँगा।'॥9॥
 
King Yudhishthira, who is always ready to do good to all beings, said to them, 'Very well. I will do as you say.'॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)