Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.258.14-15: महाराज! तत्पश्चात् वे धर्मात्मा पाण्डव वहाँ रहने वाले ब्राह्मणों के साथ वन से चले गये। उस समय उनके इन्द्रसेन आदि सेवक भी उनके साथ गये। | mahabharat अध्याय 3.258: पाण्डवोंका काम्यकवनमें गमन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततस्ते पाण्डवा: शीघ्रं प्रययुर्धर्मकोविदा:॥ १४॥
ब्राह्मणै: सहिता राजन् ये च तत्र सहोषिता:।
इन्द्रसेनादिभिश्चैव प्रेष्यैरनुगतास्तदा॥ १५॥
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् वे धर्मात्मा पाण्डव वहाँ रहने वाले ब्राह्मणों के साथ वन से चले गये। उस समय उनके इन्द्रसेन आदि सेवक भी उनके साथ गये।
King! Thereafter those religious minded Pandavas left the forest along with the Brahmins living there. Their servants like Indrasen also went with them at that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥