Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.257.5-6h: वहाँ राजा के मित्र इस प्रकार बोले, 'यह यज्ञ पूर्व के समस्त यज्ञों से श्रेष्ठ है। ययाति, नहुष, मान्धाता और भरत भी इस यज्ञ को करके पवित्र होकर स्वर्ग को चले गए हैं।'॥5 1/2॥ | mahabharat अध्याय 3.257: दुर्योधनके यज्ञके विषयमें लोगोंका मत, कर्णद्वारा अर्जुनके वधकी प्रतिज्ञा,युधिष्ठिरकी चिन्ता तथा दुर्योधनकी शासननीति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ राजा के मित्र इस प्रकार बोले, 'यह यज्ञ पूर्व के समस्त यज्ञों से श्रेष्ठ है। ययाति, नहुष, मान्धाता और भरत भी इस यज्ञ को करके पवित्र होकर स्वर्ग को चले गए हैं।'॥5 1/2॥
The friends of the king spoke there in this manner, 'This sacrifice has been superior to all the previous sacrifices. Yayati, Nahush, Mandhata and Bharat too, having performed this sacrifice, have become pure and have gone to heaven.'॥ 5 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥