Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.256.25-26h: वीर राजा दुर्योधन ने शास्त्रविधि के अनुसार सबके लिए उपयुक्त निवासस्थान बनाकर उन्हें वहीं ठहराया था। उसने हजारों राजाओं और ब्राह्मणों को सब प्रकार का आश्वासन देकर तथा नाना प्रकार के रत्न देकर विदा किया था। | mahabharat अध्याय 3.256: दुर्योधनके यज्ञका आरम्भ एवं समाप्ति । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृत्वा ह्यावसथान् वीरो यथाशास्त्रं यथाक्रमम्।
सान्त्वयित्वा च राजेन्द्रो दत्त्वा च विविधं वसु॥ २५॥
विसर्जयामास नृपान् ब्राह्मणांश्च सहस्रश:।
अनुवाद
वीर राजा दुर्योधन ने शास्त्रविधि के अनुसार सबके लिए उपयुक्त निवासस्थान बनाकर उन्हें वहीं ठहराया था। उसने हजारों राजाओं और ब्राह्मणों को सब प्रकार का आश्वासन देकर तथा नाना प्रकार के रत्न देकर विदा किया था।
The brave king Duryodhana had made everyone a suitable residence as per the scriptures and housed them there. He bid farewell to thousands of kings and Brahmins after giving them all kinds of assurances and giving them various types of gems. 25 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥