श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 255: कर्ण और पुरोहितकी सलाहसे दुर्योधनकी वैष्णवयज्ञके लिये तैयारी  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.255.9 
ऋत्विजश्च समाहूता यथोक्ता वेदपारगा:।
क्रियां कुर्वन्तु ते राजन् यथाशास्त्रमरिंदम॥ ९॥
 
 
अनुवाद
शत्रुराज! आपके द्वारा अभिमंत्रित शास्त्रानुसार योग्यता रखने वाले वेदज्ञ ऋत्विक् को विधिपूर्वक सब कार्य करना चाहिए। 9॥
 
Enemy King! The Vedgya Ritvik, who has the qualifications based on the scriptures invited by you, should do all the work according to the method. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)