Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.252.8: हे राजनश्रेष्ठ! इस प्रकार आपके शरीर की रचना स्वयं भगवान महेश्वर ने देवी पार्वती के साथ मिलकर की है। अतः हे राजन! आप मनुष्य नहीं, अपितु दिव्य प्राणी हैं। | mahabharat अध्याय 3.252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमीश्वरसंयुक्तस्तव देहो नृपोत्तम।
देव्या च राजशार्दूल दिव्यस्त्वं हि न मानुष:॥ ८॥
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! इस प्रकार आपके शरीर की रचना स्वयं भगवान महेश्वर ने देवी पार्वती के साथ मिलकर की है। अतः हे राजन! आप मनुष्य नहीं, अपितु दिव्य प्राणी हैं।
O best of kings! In this manner your body has been created by Lord Maheshwar himself along with Goddess Parvati. Therefore, O King! You are not a human being, but a divine being.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥