vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान
»
श्लोक 42
श्लोक
3.252.42
अथवा ते भयं जातं दृष्ट्वार्जुनपराक्रमम्।
सत्यं ते प्रतिजानामि वधिष्यामि रणेऽर्जुनम्॥ ४२॥
अनुवाद
अथवा यदि तुम अर्जुन का पराक्रम देखकर भयभीत हो गए हो तो मैं तुम्हें सत्य वचन देता हूँ कि मैं युद्ध में अर्जुन को अवश्य मार डालूँगा।'
Or if you have become afraid after seeing Arjun's prowess, then I truly promise you that I will certainly kill Arjun in the battle.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×