Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.252.31-d2h: भरत! कृत्या के चले जाने पर राजा दुर्योधन को ये सब बातें स्वप्नवत लगीं। राक्षसों द्वारा कहे गए वचनों पर विचार करके दुष्टबुद्धि दुर्योधन ने मन में निश्चय किया कि 'मैं युद्ध में पाण्डवों को परास्त करूँगा।' | mahabharat अध्याय 3.252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! कृत्या के चले जाने पर राजा दुर्योधन को ये सब बातें स्वप्नवत लगीं। राक्षसों द्वारा कहे गए वचनों पर विचार करके दुष्टबुद्धि दुर्योधन ने मन में निश्चय किया कि 'मैं युद्ध में पाण्डवों को परास्त करूँगा।'
Bharata! After Kritya left, King Duryodhana thought all these things were a dream. After thinking about the words spoken by the demons, the evil-minded Duryodhana resolved in his mind that 'I will defeat the Pandavas in the war.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥