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गच्छ वीर न ते बुद्धिरन्या कार्या कथञ्चन।
त्वमस्माकं गतिर्नित्यं देवतानां च पाण्डवा:॥ २६॥
अनुवाद
वीरवर! कृपया जाइए। अब आपको किसी भी प्रकार से अन्यथा नहीं सोचना चाहिए। देखिये, देवता पाण्डवों की शरण में आ गए हैं; किन्तु हमारा गंतव्य सदैव आप ही हैं। 26।
Veeravar! Please go. Now you should not think otherwise in any way. See, the gods have taken shelter of the Pandavas; but our destination is always you. 26.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥