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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान
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श्लोक 19
श्लोक
3.252.19
यच्च तेऽन्तर्गतं वीर भयमर्जुनसम्भवम्।
तत्रापि विहितोऽस्माभिर्वधोपायोऽर्जुनस्य वै॥ १९॥
अनुवाद
वीर! तुम भी अपने अन्दर के अर्जुन के भय को दूर कर दो, क्योंकि हमने अर्जुन की मृत्यु का प्रबन्ध पहले ही कर लिया है॥19॥
Brave! You should also remove the fear of Arjuna that is inside you, because we have already arranged for Arjuna's death.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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