Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.252.17-d1h: राजन! क्षत्रिय योनि में उत्पन्न हुए दैत्यों और राक्षसों के समूह आपके शत्रुओं के साथ वीरतापूर्वक युद्ध करेंगे। वे पराक्रमी और वीर दैत्य गदा, मूसल, भाले और अन्य छोटे-बड़े अस्त्र-शस्त्रों से आपके शत्रुओं पर आक्रमण करेंगे।॥ 17-18॥ | mahabharat अध्याय 3.252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! क्षत्रिय योनि में उत्पन्न हुए दैत्यों और राक्षसों के समूह आपके शत्रुओं के साथ वीरतापूर्वक युद्ध करेंगे। वे पराक्रमी और वीर दैत्य गदा, मूसल, भाले और अन्य छोटे-बड़े अस्त्र-शस्त्रों से आपके शत्रुओं पर आक्रमण करेंगे।॥ 17-18॥
King! The groups of demons and monsters born in the kshatriya yoni will fight valiantly with your enemies. Those mighty and brave demons will attack your enemies with maces, pestles, spears and other small and big weapons.॥ 17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥