श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.252.11 
भीष्मद्रोणकृपादींश्च प्रवेक्ष्यन्त्यपरेऽसुरा:।
यैराविष्टा घृणां त्यक्त्वा योत्स्यन्ते तव वैरिभि:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भीष्म, द्रोणाचार्य और कृपाचार्य आदि के शरीर में और भी बहुत से राक्षस प्रविष्ट हो जाएँगे, उनके वशीभूत होकर वे सब दया त्यागकर आपके शत्रुओं से युद्ध करेंगे॥11॥
 
Many other demons will also enter the bodies of Bhishma, Dronacharya and Kripacharya etc., possessed by them, they will abandon all mercy and fight with your enemies. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)