श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 252: दानवोंका दुर्योधनको समझाना और कर्णके अनुरोध करनेपर दुर्योधनका अनशन त्याग करके हस्तिनापुरको प्रस्थान  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.252.10 
तदलं ते विषादेन भयं तव न विद्यते।
साहाय्यार्थं च ते वीरा: सम्भूता भुवि दानवा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम्हें शोक करने की आवश्यकता नहीं है। तुम्हें कोई भय नहीं है। तुम्हारी सहायता के लिए पृथ्वी पर अनेक वीर राक्षस प्रकट हुए हैं॥10॥
 
Therefore you need not grieve. You have no fear. Many brave demons have appeared on the earth to help you.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)