Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.251.28: 'जैसी आपकी इच्छा' ऐसा कहकर कृत्या तुरन्त वहाँ से चली गई और पलक मारते ही वह वहाँ पहुँच गई जहाँ राजा दुर्योधन था॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 3.251: शकुनिके समझानेपर भी दुर्योधनको प्रायोपवेशनसे विचलित होते न देखकर दैत्योंका कृत्याद्वारा उसे रसातलमें बुलाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 251: शकुनिके समझानेपर भी दुर्योधनको प्रायोपवेशनसे विचलित होते न देखकर दैत्योंका कृत्याद्वारा उसे रसातलमें बुलाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.251.28 
तथेति च प्रतिश्रुत्य सा कृत्या प्रययौ तदा।
निमेषादगमच्चापि यत्र राजा सुयोधन:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
'जैसी आपकी इच्छा' ऐसा कहकर कृत्या तुरन्त वहाँ से चली गई और पलक मारते ही वह वहाँ पहुँच गई जहाँ राजा दुर्योधन था॥ 28॥
 
Saying 'as you wish' the Kritya immediately left the place and within a blink of an eye she reached the place where King Duryodhana was.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)