Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.251.2: शकुनि ने कहा- कुरुनन्दन! कर्ण ने बहुत अच्छी बात कही है, जो तुमने सुन ली। मैंने तुम्हारे लिए पाण्डवों की धनी और सुन्दरी रानी लक्ष्मी का हरण किया है, फिर तुम मोहवश उसका परित्याग क्यों कर रहे हो?॥2॥ | mahabharat अध्याय 3.251: शकुनिके समझानेपर भी दुर्योधनको प्रायोपवेशनसे विचलित होते न देखकर दैत्योंका कृत्याद्वारा उसे रसातलमें बुलाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शकुनि ने कहा- कुरुनन्दन! कर्ण ने बहुत अच्छी बात कही है, जो तुमने सुन ली। मैंने तुम्हारे लिए पाण्डवों की धनी और सुन्दरी रानी लक्ष्मी का हरण किया है, फिर तुम मोहवश उसका परित्याग क्यों कर रहे हो?॥2॥
Shakuni said- Son of Kurunandan! Karna has said a very good thing, which you have heard. I have kidnapped the rich and beautiful queen Lakshmi from the Pandavas for you, why are you abandoning her out of attachment?॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥