Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.250.2-3h: हे कुरुश्रेष्ठ! जो लोग राजसेना में रहकर जीविका चलाते हैं और राजा के राज्य में रहते हैं, चाहे वे ज्ञात हों या अज्ञात, उनका कर्तव्य है कि वे राजा को सदैव प्रसन्न रखें। | mahabharat अध्याय 3.250: कर्णके समझानेपर भी दुर्योधनका आमरण अनशन करनेका ही निश्चय । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सेनाजीवैश्च कौरव्य तथा विषयवासिभि:॥ २॥
अज्ञातैर्यदि वा ज्ञातै: कर्तव्यं नृपते: प्रियम्।
अनुवाद
हे कुरुश्रेष्ठ! जो लोग राजसेना में रहकर जीविका चलाते हैं और राजा के राज्य में रहते हैं, चाहे वे ज्ञात हों या अज्ञात, उनका कर्तव्य है कि वे राजा को सदैव प्रसन्न रखें।
O best of the Kurus! Those who earn their livelihood by serving in the royal army and live in the king's kingdom, whether known or unknown, it is their duty to always please the king. 2 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥