vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 250: कर्णके समझानेपर भी दुर्योधनका आमरण अनशन करनेका ही निश्चय
»
श्लोक 12
श्लोक
3.250.12
नोत्सहे जीवितुमहं त्वद्विहीनो नरर्षभ।
प्रायोपविष्टस्तु नृप राज्ञां हास्यो भविष्यसि॥ १२॥
अनुवाद
हे पुरुषश्रेष्ठ! मैं आपके बिना जीवित नहीं रहना चाहता। हे राजन! यदि आप आमरण अनशन पर बैठेंगे, तो सभी राजाओं के उपहास का पात्र बनेंगे॥12॥
O best of men! I do not want to live without you. O King! If you sit down for a fast unto death, you will become the laughing stock of all kings.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×