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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 250: कर्णके समझानेपर भी दुर्योधनका आमरण अनशन करनेका ही निश्चय
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श्लोक 11
श्लोक
3.250.11
मद्वाक्यमेतद् राजेन्द्र यद्येवं न करिष्यसि।
स्थास्यामीह भवत्पादौ शुश्रूषन्नरिमर्दन॥ ११॥
अनुवाद
हे शत्रुओं के अभिमान को दबाने वाले राजन! यदि आप मेरी बात नहीं मानेंगे, तो मैं यहीं रहकर आपके चरणों की सेवा करूँगा॥11॥
O King, who subdues the pride of his enemies! If you do not listen to me, then I will stay here serving your feet. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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