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mahabharat 3.249.5-6h: तत्पश्चात् गंधर्व पांडवों के साथ युधिष्ठिर के पास आए और उन्हें हमारी दुष्ट योजना के बारे में बताया तथा हमें उनके हवाले कर दिया। उस समय हम सब बंधे हुए थे।   |   mahabharat अध्याय 3.249: दुर्योधनका कर्णसे अपनी ग्लानिका वर्णन करते हुए आमरण अनशनका निश्चय, दु:शासनको राजा बननेका आदेश, दु:शासनका दु:ख और कर्णका दुर्योधनको समझाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 249: दुर्योधनका कर्णसे अपनी ग्लानिका वर्णन करते हुए आमरण अनशनका निश्चय, दु:शासनको राजा बननेका आदेश, दु:शासनका दु:ख और कर्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  3.249.5-6h 
युधिष्ठिरमथागम्य गन्धर्वा: सह पाण्डवै:॥ ५॥
अस्मद्दुर्मन्त्रितं तस्मै बद्धांश्चास्मान्न्यवेदयन्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् गंधर्व पांडवों के साथ युधिष्ठिर के पास आए और उन्हें हमारी दुष्ट योजना के बारे में बताया तथा हमें उनके हवाले कर दिया। उस समय हम सब बंधे हुए थे।
 
Thereafter the Gandharvas came to Yudhishthira along with the Pandavas and told him about our evil plan and handed us over to him. At that time we were all tied up. 5 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)