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mahabharat 3.249.35-36h: दुःशासन और दुर्योधन को इतना दुःखी देखकर कर्ण को बहुत दुःख हुआ। वह उनके पास गया और उनसे बोला-॥ 35 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.249: दुर्योधनका कर्णसे अपनी ग्लानिका वर्णन करते हुए आमरण अनशनका निश्चय, दु:शासनको राजा बननेका आदेश, दु:शासनका दु:ख और कर्णका दुर्योधनको समझाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 249: दुर्योधनका कर्णसे अपनी ग्लानिका वर्णन करते हुए आमरण अनशनका निश्चय, दु:शासनको राजा बननेका आदेश, दु:शासनका दु:ख और कर्णका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 35-36h
 
 
श्लोक  3.249.35-36h 
तथा तौ दु:खितौ दृष्ट्वा दु:शासनसुयोधनौ॥ ३५॥
अधिगम्य व्यथाविष्ट: कर्णस्तौ प्रत्यभाषत।
 
 
अनुवाद
दुःशासन और दुर्योधन को इतना दुःखी देखकर कर्ण को बहुत दुःख हुआ। वह उनके पास गया और उनसे बोला-॥ 35 1/2॥
 
Seeing Dushasan and Duryodhan so sad, Karna felt very sad. He went near them and said to them -॥ 35 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)