Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.248.5-6h: फिर गंधर्व हमें उच्च आकाश मार्ग से ले गए। उस समय हम लोग बहुत दुःखी हो रहे थे। तब हमारे कुछ सैनिक और महारथी मंत्रीगण शरण देने वाले पाण्डवों के पास गए और बोले -॥5 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.248: दुर्योधनका कर्णको अपनी पराजयका समाचार बताना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 248: दुर्योधनका कर्णको अपनी पराजयका समाचार बताना  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  3.248.5-6h 
उच्चैराकाशमार्गेण हृता:स्मस्तै: सुदु:खिता:।
अथ न: सैनिका: केचिदमात्याश्च महारथा:॥ ५॥
उपगम्याब्रुवन् दीना: पाण्डवाञ्छरणप्रदान्।
 
 
अनुवाद
फिर गंधर्व हमें उच्च आकाश मार्ग से ले गए। उस समय हम लोग बहुत दुःखी हो रहे थे। तब हमारे कुछ सैनिक और महारथी मंत्रीगण शरण देने वाले पाण्डवों के पास गए और बोले -॥5 1/2॥
 
Then the Gandharvas took us through the high sky route. At that time we were feeling very sad. Then some of our soldiers and great warrior ministers went to the Pandavas who gave us refuge and said -॥ 5 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)