श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 248: दुर्योधनका कर्णको अपनी पराजयका समाचार बताना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.248.15 
चित्रसेन: पाण्डवेन समाश्लिष्य परस्परम्।
कुशलं परिपप्रच्छ तै: पृष्टश्चाप्यनामयम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् चित्रसेन और अर्जुन एक दूसरे से मिले और एक दूसरे का कुशल-क्षेम पूछने लगे॥15॥
 
Then Chitrasena and Arjuna met each other and began to inquire about each other's well-being and health.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)