श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 248: दुर्योधनका कर्णको अपनी पराजयका समाचार बताना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.248.1 
दुर्योधन उवाच
अजानतस्ते राधेय नाभ्यसूयाम्यहं वच:।
जानासि त्वं जिताञ्छत्रून् गन्धर्वांस्तेजसा मया॥ १॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा- राधानन्दन! आप सब कुछ नहीं जानते, इसलिए मैं आपकी बात का बुरा नहीं मानता। आप समझते हैं कि मैंने अपने पराक्रम से अपने शत्रु गन्धर्वों को परास्त कर दिया है; परन्तु ऐसी बात नहीं है॥ 1॥
 
Duryodhan said- Radhanandan! You do not know everything, that is why I do not take your statement in bad sense. You think that I have defeated my enemy Gandharvas by my own might; but that is not the case.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)