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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 247: सेनासहित दुर्योधनका मार्गमें ठहरना और कर्णके द्वारा उसका अभिनन्दन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.247.6 
स्वपुरं प्रययौ राजा चतुरंगबलानुग:।
शोकोपहतया बुद्धॺा चिन्तयान: पराभवम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
राजा दुर्योधन का मन दुःख से काँप उठा। अपने अपमान का विचार करते हुए वह अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ नगर की ओर चल पड़ा।
 
King Duryodhan's mind was shaken with grief. Thinking about his insult, he set out towards the city with his four-fold army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)