श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 246: चित्रसेन, अर्जुन तथा युधिष्ठिरका संवाद और दुर्योधनका छुटकारा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.246.9 
अर्जुन उवाच
उत्सृज्यतां चित्रसेन भ्रातास्माकं सुयोधन:।
धर्मराजस्य संदेशान्मम चेदिच्छसि प्रियम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने कहा- चित्रसेन! दुर्योधन हमारा भाई है। यदि तुम मुझे प्रसन्न करना चाहते हो तो धर्मराज की आज्ञा से उसे छोड़ दो।
 
Arjun said- Chitrasen! Duryodhan is our brother. If you want to please me then release him on the orders of Dharmaraj.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)