श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 246: चित्रसेन, अर्जुन तथा युधिष्ठिरका संवाद और दुर्योधनका छुटकारा  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.246.14 
दिष्टॺा भवद्भिर्बलिभि: शक्तै: सर्वैर्न हिंसित:।
दुर्वृत्तो धार्तराष्ट्रोऽयं सामात्यज्ञातिबान्धव:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
आप सभी लोग बलवान और पराक्रमी हैं। यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आपने इस दुष्ट दुर्योधन को उसके मन्त्रियों और जाति-बंधुओं सहित नहीं मारा॥14॥
 
‘All of you are strong and powerful. It is a matter of great fortune that you did not kill this wicked Duryodhan along with his ministers and caste brothers.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)