श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 246: चित्रसेन, अर्जुन तथा युधिष्ठिरका संवाद और दुर्योधनका छुटकारा  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.246.12 
वैशम्पायन उवाच
ते सर्व एव राजानमभिजग्मुर्युधिष्ठिरम्।
अभिगम्य च तत् सर्वं शशंसुस्तस्य चेष्टितम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं - हे राजन! तत्पश्चात वे सभी लोग राजा युधिष्ठिर के पास गए। वहाँ गन्धर्वों ने उन्हें दुर्योधन के सभी कुकृत्यों के बारे में बताया।
 
Vaishampayana says - O King! Thereafter all those people went to King Yudhishthira. There the Gandharvas told him about all the evil deeds of Duryodhan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)