श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 246: चित्रसेन, अर्जुन तथा युधिष्ठिरका संवाद और दुर्योधनका छुटकारा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.246.11 
नेदं चिकीर्षितं तस्य कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिर:।
जानाति धर्मराजो हि श्रुत्वा कुरु यथेच्छसि॥ ११॥
 
 
अनुवाद
कुन्तीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर उसके इस दुष्ट इरादे को नहीं जानते; इसलिए यह सब सुनकर जैसा चाहो वैसा करो ॥11॥
 
Kunti's son Dharmaraja Yudhishthira does not know this wicked intention of his; therefore, after hearing all this, do as you wish. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)