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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 245: पाण्डवोंके द्वारा गन्धर्वोंकी पराजय
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श्लोक 10
श्लोक
3.245.10
ते वध्यमाना गन्धर्वा दिव्यैरस्त्रैर्महारथै:।
उत्पेतु: खमुपादाय धृतराष्ट्रसुतांस्तत:॥ १०॥
अनुवाद
महारथी पाण्डवों के चलाए हुए दिव्यास्त्रों से आहत होकर गन्धर्वगण धृतराष्ट्र के पुत्रों को लेकर आकाश में उड़ गए॥10॥
After being hit by the divine weapons fired by the great charioteer Pandavas, the Gandharvas flew into the sky carrying the sons of Dhritarashtra. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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