श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 244: पाण्डवोंका गन्धर्वोंके साथ युद्ध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.244.19 
यदा साम्ना न मुञ्चध्वं गन्धर्वा धृतराष्ट्रजान्।
मोक्षयिष्यामि विक्रम्य स्वयमेव सुयोधनम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
गन्धर्वो! यदि इतने समझाने पर भी तुम धृतराष्ट्र के पुत्रों को नहीं छोड़ोगे, तो मैं स्वयं अपना पराक्रम दिखाकर दुर्योधन को मुक्त कर दूँगा॥19॥
 
Gandharvas! If despite such persuasion you will not release the sons of Dhritarashtra, then I myself shall display my valour and free Duryodhan.'॥ 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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