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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.243.7 
अर्जुनश्च यमौ चैव त्वं च वीरापराजित:।
मोक्षयध्वं नरव्याघ्रा ह्रियमाणं सुयोधनम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
वीर! अर्जुन, नकुल, सहदेव और तुम किसी से भी पराजित नहीं होगे। वीरों! गंधर्वों द्वारा अपहृत दुर्योधन को बचाओ।
 
Brave! Arjun, Nakula, Sahadeva and you are not going to be defeated by anyone. Brave men! Rescue Duryodhan who is being kidnapped by the Gandharvas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)