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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.243.19 
एतावद्धि मया शक्यं संदेष्टुं वै वृकोदर।
वैताने कर्मणि तते वर्तमाने च भारत॥ १९॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन वृकोदर! इस समय मेरा यज्ञ कर्म चल रहा है; अतः इस स्थिति में मैं आपको इतना ही संदेश दे सकता हूँ।'
 
Bharatanandan Vrikodara! At this time my yajna karma is going on; hence in this situation I can give you only this much message.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)