Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.243.18: भीम! यदि वे सौम्य युद्ध करने पर भी कौरवों को न छुड़ाएँ, तो तुम सब प्रकार से उन लूटने वाले गन्धर्वों को पकड़कर कौरवों को मुक्त करा दो॥18॥ | mahabharat अध्याय 3.243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथासौ मृदुयुद्धेन न मुञ्चेद् भीम कौरवान्।
सर्वोपायैर्विमोच्यास्ते निगृह्य परिपन्थिन:॥ १८॥
अनुवाद
भीम! यदि वे सौम्य युद्ध करने पर भी कौरवों को न छुड़ाएँ, तो तुम सब प्रकार से उन लूटने वाले गन्धर्वों को पकड़कर कौरवों को मुक्त करा दो॥18॥
Bhima! If he does not release the Kauravas even with a gentle fight, then you should use all means to capture those plundering Gandharvas and free the Kauravas.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥