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mahabharat 3.243.16: हे कुरुनन्दन भीम! तुम जिस प्रकार भी हो सके, शान्तिपूर्वक दुर्योधन को समझा-बुझाकर, उसे हर प्रकार से छुड़ाने का प्रयत्न करो॥ 16॥   |   mahabharat अध्याय 3.243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 243: युधिष्ठिरका भीमसेनको गन्धर्वोंके हाथसे कौरवोंको छुड़ानेका आदेश और इसके लिये अर्जुनकी प्रतिज्ञा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.243.16 
साम्नैव तु यथा भीम मोक्षयेथा: सुयोधनम्।
तथा सर्वैरुपायैस्त्वं यतेथा: कुरुनन्दन॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुनन्दन भीम! तुम जिस प्रकार भी हो सके, शान्तिपूर्वक दुर्योधन को समझा-बुझाकर, उसे हर प्रकार से छुड़ाने का प्रयत्न करो॥ 16॥
 
Kurunandan Bhima! In whatever way you can, by peacefully convincing and persuading Duryodhan, try to free him by all means.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)